पत्रकार अनीस सैफी | TV92News
‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम की त्रैमासिक समीक्षा बैठक
शून्य से पांच साल तक के बच्चों में डायरिया से होने वाली मृत्यु दर को शून्य करने और दस्त प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए अभियान जारी
आगरा, 13 मार्च 2026।
स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (PSI India) और केनव्यू के सहयोग से हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. उपेंद्र कुमार और डिप्टी CMO RCH डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने की।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. उपेंद्र कुमार ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शून्य से पांच साल तक के बच्चों की डायरिया से होने वाली मृत्यु दर को शून्य करना और दस्त प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
डिप्टी CMO RCH डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं, आशा संगिनी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को PSI इंडिया के सहयोग से प्रशिक्षित किया गया है। इसके साथ ही डायरिया रोको अभियान (Stop Diarrhea Campaign) के तहत ई-रिक्शा, दीवार लेखन, रैली, स्कूल गतिविधियों और पोस्टर प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों और नागरिकों तक डायरिया से बचाव एवं प्रबंधन का संदेश पहुँचाया गया।
डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने कहा:
“ज़िंक-ORS के साथ डायरिया से डर नहीं।”
एनयूएचएम के नोडल अधिकारी डॉ. ऋषि गोपाल शर्मा ने बताया कि डायरिया की समय पर पहचान और आवश्यक उपचार मुहैया कराना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मचारियों — आशा, स्टाफ नर्स, फर्मासिस्ट, डीपीएम, डीसीपीएम, बीपीएम, बीसीपीएम, एमओ IEC और अर्बन समन्वयक — को IEC सामग्री वितरित की गई।
समीक्षा बैठक में गतिविधियों की प्रस्तुति
PSI इंडिया के प्रतिनिधि बिभीषण ने अब तक की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।
हेल्थ मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम (HMIS) की रिपोर्ट की समीक्षा की गई।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) कुलदीप कुमार ने रिपोर्टिंग सुधार पर चर्चा की।
DCPM डॉ. विजय सिंह ने कर्मचारियों को बेहतर कार्य के लिए प्रेरित किया।
शहरी स्वास्थ्य समन्वयक आकाश ने UPHC पर बनाए गए ORS और ज़िंक कॉर्नर की कार्यप्रणाली और सुधार के परिणाम साझा किए।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ऋषि गोपाल शर्मा ने दोहराया कि:
“डायरिया की समय पर पहचान और उपचार मुहैया कराना अत्यंत आवश्यक है।”
उपस्थित प्रमुख अधिकारी एवं प्रतिनिधि
कार्यक्रम में उपस्थित थे:
मेडिकल कॉलेज: डॉ. दिव्या यादव, डॉ. महिमा चौधरी, इरशाद, अफज़ल, MOIC
जिला महिला अस्पताल: प्रतिनिधि
BCPM और PSI India: पंकज कुमार, आरती, सोनल


