हनुमान जयंती महोत्सव के दूसरे दिन भक्ति का महासंगम, भजन संध्या और रासलीला ने मोहा मन
आगरा।
प्राचीन दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर, जंगल वाले बाबा (माल रोड) में चल रहे तीन दिवसीय हनुमान जयंती महोत्सव के दूसरे दिन मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिरस में डूबा नजर आया। श्रद्धा, आस्था और उत्साह के बीच आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों ने माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
🙏 रामायण पाठ समापन के साथ गूंजे जयकारे
दिनभर चले धार्मिक अनुष्ठानों के बीच विधिवत मंत्रोच्चार के साथ श्रीरामायण पाठ का समापन किया गया। इसके बाद पूरे मंदिर परिसर में “जय श्रीराम” और “जय बजरंगबली” के गगनभेदी जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
🌸 भव्य सजावट और अलौकिक वातावरण
मंदिर परिसर को आकर्षक फूल बंगले और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर दिव्यता से जगमगा उठा। श्रद्धालु इस अद्भुत सजावट को देखकर भाव-विभोर हो गए और भक्ति में लीन नजर आए।
🎶 भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु
संध्या समय आयोजित विशेष भजन संध्या में वृंदावन धाम से आए कलाकारों ने अपनी मधुर आवाज से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भगवान श्रीराम और हनुमान जी की स्तुति में प्रस्तुत भजनों ने भक्तों को भक्ति की गहराई में डुबो दिया।
🎭 रासलीला ने कराया वृंदावन का अहसास
भजन संध्या के बाद आयोजित रासलीला ने भी सभी का मन मोह लिया। राधा-कृष्ण की जीवंत झांकियों और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को वृंदावन की अलौकिक अनुभूति कराई। इस दौरान फूलों की होली खेली गई, जिसमें भक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
🔥 महंत और समाजसेवियों का संदेश

मंदिर के महंत योगेश भारद्वाज ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में भक्ति, संस्कार और सद्भाव को मजबूत करते हैं।
वहीं समाजसेवी श्याम भोजवानी ने कहा कि हनुमान जी की भक्ति हमें सेवा, समर्पण और शक्ति का मार्ग दिखाती है।
📅 आगामी कार्यक्रम
महोत्सव के अंतिम दिन गुरुवार, 2 अप्रैल को हनुमान जयंती के पावन अवसर पर प्रातः 9 बजे से प्रवचन, हवन, आरती और भजन-कीर्तन का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
👥 मुख्य उपस्थित लोग
इस अवसर पर महंत योगेश भारद्वाज, प्रकाश भारद्वाज, पं. प्रवीनदत्त शर्मा, श्याम भोजवानी, माधव भारद्वाज, अमित कपूर, धर्मेंद्र आर्य, गोपाल शुक्ला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
✍️ निष्कर्ष
हनुमान जयंती महोत्सव का दूसरा दिन भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम रहा। कार्यक्रम ने न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रूप से जोड़ा, बल्कि समाज में एकता और संस्कृति की मजबूत झलक भी पेश की।
📌 रिपोर्ट: अनीस सैफी | TV92News
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