उत्तर प्रदेश के आगरा से एक आध्यात्मिक खबर सामने आई है, जहां सिख धर्म के दूसरे गुरु, श्री गुरु अंगद देव महाराज जी का पावन प्रकाश उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
मुख्य खबर:
आगरा के शहीद नगर स्थित गुरुद्वारा दशमेश दरबार में सुखमनी सेवा सभा द्वारा साप्ताहिक भव्य दीवानों की श्रृंखला के तहत विशेष कीर्तन समागम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर धन-धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन छत्रछाया में संगत ने एकाग्रचित्त होकर श्री जपजी साहिब और सुखमनी साहिब के पाठ किए और आत्मिक शांति का अनुभव किया।
समागम का माहौल पूरी तरह भक्ति में डूबा नजर आया। गुरबाणी की मधुर स्वर लहरियों के बीच ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो धरती पर स्वर्ग उतर आया हो और संगत प्रभु नाम में रंगी हुई दिखाई दी।
कीर्तन एवं प्रवचन:

अंतरराष्ट्रीय कीर्तनकार वीर महेंद्र पाल सिंह जी ने अपने साथियों के साथ गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को भाव-विभोर कर दिया। उनकी मधुर वाणी से निकली गुरबाणी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से सराबोर कर दिया।
इस दौरान उन्होंने गुरु अंगद देव महाराज जी के जीवन और उपदेशों पर प्रकाश डालते हुए संगत को गुरु मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। उनके विचारों ने सभी के हृदय को गहराई से स्पर्श किया।
समापन:

समागम के अंत में प्रधान सरदार हरपाल सिंह जी ने साध संगत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना और आपसी प्रेम को बढ़ावा देते हैं।
ज्ञानी जी द्वारा सहज पाठ साहिब के भोग, अरदास और हुकुमनामा के उपरांत सभी श्रद्धालुओं ने गुरु का अटूट लंगर ग्रहण कर गुरु नानक देव जी का शुकराना अदा किया।
मुख्य उपस्थित लोग:

इस अवसर पर हरपाल सिंह, राजू सलूजा, मलकीत सिंह, गुरु सेवक श्याम भोजवानी, गुरिंदर सिंह, इंद्रजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह लवली, गुरमीत सिंह सेठी, सुरेंद्र सिंह लाडी, देवेंद्र सिंह जुल्का, हरजिंदर सिंह, जप सिंह, गुरदीप लूथरा, दलजीत सिंह दुग्गल, मुखी भाई, अशोक झबल, मनप्रीत सिंह, योगेश छठवानी और सतीश सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
क्रेडिट:
रिपोर्ट: अनीश सैफी


